Explanations:
सोरठा अर्धसम मात्रिक छंद के विषम चरणों (पादों) में 11-11 तथा सम चरणों में 13-13 मात्राएँ होती हैं। ‘रोला’ में चार चरण होते हैं। इसके प्रत्येक चरण में 24 मात्राएँ होती हैं। 11 और 13 मात्राओं पर विराम होता है। ‘चौपाई’ में चार चरण होते हैं। इसके प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ होती हैं तथा चरण के अन्त में दीर्घ (गुरु) वर्ण होता है। पदों के अन्तिम अक्षर समान होते हैं। ‘दोहा’ में चार चरण होते हैं। इसके विषम चरणों में 13 और सम चरणों में 11 मात्राएँ होती हैं।