Correct Answer:
Option A - चूना पत्थर वाली चट्टानों के क्षेत्र में भूमिगत जल के द्वारा सतह के ऊपर तथा नीचे विभिन्न प्रकार के स्थलरूपों का निर्माण घोलन द्वारा होता है। ये स्थलरूप अन्य प्रकार की चट्टानों पर अपरदन के अन्य कारकों द्वारा उत्पन्न स्थलरूपों से सर्वथा भिन्न होते हैं। इस तरह लाइमस्टोन शैल पर निर्मित स्थलरूप को कार्ट्स स्थलाकृति कहा जाता है। कार्ट्स शब्द पूर्ववर्ती यूगोस्लाविया देश के पश्चिमी तट पर पूर्वी एड्रियाटिक सागर के सहारे स्थित कार्ट्स क्षेत्र से लिया गया है अत: यूगोस्लाविया का मैदान कार्ट्स मैदान के उदाहरण है।
नोट–भूमिगत जल द्वारा अपरदनात्मक स्थलरूप– लैपीज, घोल रंध्र, डोलाइन, कास्र्ट खिड़की, युवाला, पोल्जे, धंसती निवेशिका, अन्धी घाटी, कास्र्ट घाटी, कन्दरा या गुफा एवं प्राकृतिक पुल आदि।
A. चूना पत्थर वाली चट्टानों के क्षेत्र में भूमिगत जल के द्वारा सतह के ऊपर तथा नीचे विभिन्न प्रकार के स्थलरूपों का निर्माण घोलन द्वारा होता है। ये स्थलरूप अन्य प्रकार की चट्टानों पर अपरदन के अन्य कारकों द्वारा उत्पन्न स्थलरूपों से सर्वथा भिन्न होते हैं। इस तरह लाइमस्टोन शैल पर निर्मित स्थलरूप को कार्ट्स स्थलाकृति कहा जाता है। कार्ट्स शब्द पूर्ववर्ती यूगोस्लाविया देश के पश्चिमी तट पर पूर्वी एड्रियाटिक सागर के सहारे स्थित कार्ट्स क्षेत्र से लिया गया है अत: यूगोस्लाविया का मैदान कार्ट्स मैदान के उदाहरण है।
नोट–भूमिगत जल द्वारा अपरदनात्मक स्थलरूप– लैपीज, घोल रंध्र, डोलाइन, कास्र्ट खिड़की, युवाला, पोल्जे, धंसती निवेशिका, अन्धी घाटी, कास्र्ट घाटी, कन्दरा या गुफा एवं प्राकृतिक पुल आदि।