Correct Answer:
Option B - कार्याकार्य व्यवस्थितौ शास्त्रम् प्रमाणम्।
अर्थात् कार्य (करने योग्य) अकार्य (न करने योग्य कार्यो को) व्यवस्थित करने में शास्त्र ही प्रमाण होता है यह श्लोकांश श्रीमद्भगवद्गीता के १६वें अध्याय में श्रीकृष्ण द्वारा उच्चरित है। अत: विकल्प (b) सही है तथा अन्य विकल्प लोक: (संसार), भार्यावचनं (पत्नी का वचन) स्वकीयं मन: (अपना मन) इसमें प्रमाण नहीं हो सकते हैं।
B. कार्याकार्य व्यवस्थितौ शास्त्रम् प्रमाणम्।
अर्थात् कार्य (करने योग्य) अकार्य (न करने योग्य कार्यो को) व्यवस्थित करने में शास्त्र ही प्रमाण होता है यह श्लोकांश श्रीमद्भगवद्गीता के १६वें अध्याय में श्रीकृष्ण द्वारा उच्चरित है। अत: विकल्प (b) सही है तथा अन्य विकल्प लोक: (संसार), भार्यावचनं (पत्नी का वचन) स्वकीयं मन: (अपना मन) इसमें प्रमाण नहीं हो सकते हैं।