Explanations:
किरातार्जुनीय के आधार पर ‘‘चारचक्षु’’ राजा को कहा गया है। किरातार्जुनीयम् महाकवि भारवि की एक मात्र कृति है यह 18 सर्गों में विभक्त वीररसप्रधान महाकाव्य है। इसका उपजीव्य ग्रन्थ -महाभारत का वन पर्व है। इसका नायक-अर्जुन, प्रतिनायक-किरात वेशधारी शिव तथा नायिका द्रौपदी है।