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Q: ‘‘करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती’’ यह उक्ति किस कवि की है?
  • A. बाणभट्ट की
  • B. त्रिविक्रमभट्ट की
  • C. शूद्रक की
  • D. कालिदास की
Correct Answer: Option B - ‘‘करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती’’ यह उक्ति त्रिविक्रमभट्ट की है। यह नलचम्पू के प्रथम उच्छ्वास से ली गयी है। इसका तात्पर्य है कि महाभारत की कथा किसको आनन्दित नहीं करती? ‘‘कर्णान्तविभ्रमभ्रान्तकृष्णार्जुनविलोचना। करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती।।’’
B. ‘‘करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती’’ यह उक्ति त्रिविक्रमभट्ट की है। यह नलचम्पू के प्रथम उच्छ्वास से ली गयी है। इसका तात्पर्य है कि महाभारत की कथा किसको आनन्दित नहीं करती? ‘‘कर्णान्तविभ्रमभ्रान्तकृष्णार्जुनविलोचना। करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती।।’’

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‘‘करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती’’ यह उक्ति त्रिविक्रमभट्ट की है। यह नलचम्पू के प्रथम उच्छ्वास से ली गयी है। इसका तात्पर्य है कि महाभारत की कथा किसको आनन्दित नहीं करती? ‘‘कर्णान्तविभ्रमभ्रान्तकृष्णार्जुनविलोचना। करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती।।’’