Correct Answer:
Option C - ‘‘कर्तु: क्रियया आप्तुम् इष्टतमं कारकं कर्मसञ्ज्ञं स्यात्’’ अर्थात् कर्त्ता अपनी क्रिया द्वारा जिसको सबसे अधिक प्राप्त करना चाहता है उसकी कर्म सञ्ज्ञा होती है तथा उसमें द्वितीया विभक्ति का प्रयोग होता है।
C. ‘‘कर्तु: क्रियया आप्तुम् इष्टतमं कारकं कर्मसञ्ज्ञं स्यात्’’ अर्थात् कर्त्ता अपनी क्रिया द्वारा जिसको सबसे अधिक प्राप्त करना चाहता है उसकी कर्म सञ्ज्ञा होती है तथा उसमें द्वितीया विभक्ति का प्रयोग होता है।