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Q: ‘क्रिप्स के प्रस्ताव ने वास्तव में हमें कुछ नहीं दिया। यदि हम प्रस्तावों को स्वीकार करते हैं, तो हमें भविष्य में पछताना पड़ता .....। युद्ध ने भारत को अपनी स्वतन्त्रता प्राप्त करने का अच्छा अवसर प्रदान किया था। केवल एक वचन पर आधारित होने के कारण हमें इसे खोना नहीं चाहिए।’ ये शब्द किसने लिखे?
  • A. जवाहरलाल नेहरू
  • B. मौलाना अबुल कलाम आजाद
  • C. महात्मा गाँधी
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - उपर्युक्त शब्द मौलाना अबुल कलाम आजाद द्वारा क्रिप्स मिशन के सम्बन्ध में कहे गये। भारत के राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से ब्रिटिश प्रधानमंत्री चर्चिल ने सर स्टैफोर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में मार्च 1942 में क्रिप्स मिशन भेजा। गाँधीजी ने क्रिप्स प्रस्तावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘‘यह आगे की तारीख का चेक था, जिसका बैंक नष्ट होंने वाला था।’’ जवाहर लाल नेहरू ने क्रिप्स प्रस्तावों पर कहा कि ‘‘क्रिप्स योजना को स्वीकार करना भारत को अनिश्चित खण्डों में विभाजित करने के लिए मार्ग प्रशस्त करना था।’’
B. उपर्युक्त शब्द मौलाना अबुल कलाम आजाद द्वारा क्रिप्स मिशन के सम्बन्ध में कहे गये। भारत के राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से ब्रिटिश प्रधानमंत्री चर्चिल ने सर स्टैफोर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में मार्च 1942 में क्रिप्स मिशन भेजा। गाँधीजी ने क्रिप्स प्रस्तावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘‘यह आगे की तारीख का चेक था, जिसका बैंक नष्ट होंने वाला था।’’ जवाहर लाल नेहरू ने क्रिप्स प्रस्तावों पर कहा कि ‘‘क्रिप्स योजना को स्वीकार करना भारत को अनिश्चित खण्डों में विभाजित करने के लिए मार्ग प्रशस्त करना था।’’

Explanations:

उपर्युक्त शब्द मौलाना अबुल कलाम आजाद द्वारा क्रिप्स मिशन के सम्बन्ध में कहे गये। भारत के राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से ब्रिटिश प्रधानमंत्री चर्चिल ने सर स्टैफोर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में मार्च 1942 में क्रिप्स मिशन भेजा। गाँधीजी ने क्रिप्स प्रस्तावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘‘यह आगे की तारीख का चेक था, जिसका बैंक नष्ट होंने वाला था।’’ जवाहर लाल नेहरू ने क्रिप्स प्रस्तावों पर कहा कि ‘‘क्रिप्स योजना को स्वीकार करना भारत को अनिश्चित खण्डों में विभाजित करने के लिए मार्ग प्रशस्त करना था।’’