Correct Answer:
Option B - महाकवि भवभूति विरचित तीन नाटकों में `उत्तररामचरितम्' में करुण रस की प्रधानता, `महावीरचरित्र' में वीर रस की तथा `मालतीमाधवम्' में शृंगार रस की प्रधानता है। सात अंकों में निबद्ध भवभूति के अन्तिम और सर्वोत्कृष्ट नाटक `उत्तरराम चरित्रम्' वाल्मीकि रामायण के उत्तरकाण्ड की कथा पर आधारित करुण-रस प्रधान नाटक है।
B. महाकवि भवभूति विरचित तीन नाटकों में `उत्तररामचरितम्' में करुण रस की प्रधानता, `महावीरचरित्र' में वीर रस की तथा `मालतीमाधवम्' में शृंगार रस की प्रधानता है। सात अंकों में निबद्ध भवभूति के अन्तिम और सर्वोत्कृष्ट नाटक `उत्तरराम चरित्रम्' वाल्मीकि रामायण के उत्तरकाण्ड की कथा पर आधारित करुण-रस प्रधान नाटक है।