Correct Answer:
Option C - कर्मवाच्ये कर्म प्रथमा विभक्तौ भवति। अर्थात् कर्मवाच्य के प्रयोग में कर्म प्रथमा विभक्ति में होता है। कर्मवाच्य में कर्ता तृतीया विभक्ति में होता है तथा क्रिया कर्म के अनुसार आत्मनेपदी होती है।
कर्तृवाच्य में कर्ता प्रथमा विभक्ति में कर्म द्वितीया विभक्ति में क्रिया कर्ता के अनुसार होती है तथा परस्मैपदी क्रियापदों का प्रयोग होता है।
भाववाच्य में कर्ता तृतीया विभक्ति में होता है तथा क्रिया प्रथम पुरुष एकवचन में होती है।
C. कर्मवाच्ये कर्म प्रथमा विभक्तौ भवति। अर्थात् कर्मवाच्य के प्रयोग में कर्म प्रथमा विभक्ति में होता है। कर्मवाच्य में कर्ता तृतीया विभक्ति में होता है तथा क्रिया कर्म के अनुसार आत्मनेपदी होती है।
कर्तृवाच्य में कर्ता प्रथमा विभक्ति में कर्म द्वितीया विभक्ति में क्रिया कर्ता के अनुसार होती है तथा परस्मैपदी क्रियापदों का प्रयोग होता है।
भाववाच्य में कर्ता तृतीया विभक्ति में होता है तथा क्रिया प्रथम पुरुष एकवचन में होती है।