Correct Answer:
Option B - सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 की धारा-65 में प्रावधान किया गया है कि जो कोई कम्प्यूटर साधन दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करेगा तो उसे 3 वर्ष का कारावास या 2 लाख का जुर्माना होगा या दोनों दण्डनीय होगा। धारा-77B के अनुसार, धारा 65 (कंप्यूटर साधन दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़) के अधीन दण्डनीय अपराध संज्ञेय तथा जमानतीय होगा।
B. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 की धारा-65 में प्रावधान किया गया है कि जो कोई कम्प्यूटर साधन दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करेगा तो उसे 3 वर्ष का कारावास या 2 लाख का जुर्माना होगा या दोनों दण्डनीय होगा। धारा-77B के अनुसार, धारा 65 (कंप्यूटर साधन दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़) के अधीन दण्डनीय अपराध संज्ञेय तथा जमानतीय होगा।