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Q: कौन सी कृति भवभूति की नहीं है?
  • A. महावीर चरित
  • B. मालती माधव
  • C. उत्तररामचरित
  • D. कर्पूर मंजरी
Correct Answer: Option D - व्याख्या- ‘कर्पूर मंजरी’ भवभूति रचित कृति नहीं है। कर्पूर मंजरी के रचयिता राजेशखर है। भवभूति विदर्भ देश में स्थित पद्यपुर के निवासी थे। इनका प्रारंभिक नाम श्रीकण्ठ था। इनके द्वारा रचित तीन नाटक है- (1) महावीरचरितम् (2) मालतीमाधवम् (3) उत्तररामचरितम। भवभूति के नाटक ‘उत्तररामचरितम्’ में करूण रस की प्रधानता है।
D. व्याख्या- ‘कर्पूर मंजरी’ भवभूति रचित कृति नहीं है। कर्पूर मंजरी के रचयिता राजेशखर है। भवभूति विदर्भ देश में स्थित पद्यपुर के निवासी थे। इनका प्रारंभिक नाम श्रीकण्ठ था। इनके द्वारा रचित तीन नाटक है- (1) महावीरचरितम् (2) मालतीमाधवम् (3) उत्तररामचरितम। भवभूति के नाटक ‘उत्तररामचरितम्’ में करूण रस की प्रधानता है।

Explanations:

व्याख्या- ‘कर्पूर मंजरी’ भवभूति रचित कृति नहीं है। कर्पूर मंजरी के रचयिता राजेशखर है। भवभूति विदर्भ देश में स्थित पद्यपुर के निवासी थे। इनका प्रारंभिक नाम श्रीकण्ठ था। इनके द्वारा रचित तीन नाटक है- (1) महावीरचरितम् (2) मालतीमाधवम् (3) उत्तररामचरितम। भवभूति के नाटक ‘उत्तररामचरितम्’ में करूण रस की प्रधानता है।