Correct Answer:
Option B - चिश्ती सूफी संत शेख नासिरूद्दीन महमूद को ‘चिराग-ए-देहलवी’ के नाम से भी जाना जाता था। ये निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। इन्होंने तौहीद-ए-वजूदी की रचना की। भारत में चिश्ती सम्प्रदाय की स्थापना ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती (1143–1236ई.) ने अजमेर में की।
B. चिश्ती सूफी संत शेख नासिरूद्दीन महमूद को ‘चिराग-ए-देहलवी’ के नाम से भी जाना जाता था। ये निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। इन्होंने तौहीद-ए-वजूदी की रचना की। भारत में चिश्ती सम्प्रदाय की स्थापना ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती (1143–1236ई.) ने अजमेर में की।