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Q: के.मा.शि.बो. (CBSE) द्वारा अपनाएं प्रगतिशील शिक्षा के प्रतिमान में बच्चों का समाजीकरण जिस प्रकार से किया जाता है, उससे अपेक्षा की जा सकती है कि
  • A. वे समय नष्ट करने वाली सामाजिक आदतों/प्रकृति का त्याग करें तथा सीखें कि किस प्रकार अच्छी श्रेणियाँ पाई जा सकती हैं। (score good grades)
  • B. वे सामूहिक कार्य में सक्रिय भागीदारिता का निर्वाह करें तथा सामाजिक कौशल सीखें
  • C. वे बिना प्रश्न उठाए समाज के नियमों-विनियमों का अनुपालन करने के लिए तैयार हो सके।
  • D. किसी भी प्रकार की सामाजिक पृष्ठभूमि होते हुए भी वे वह सब स्वीकार करें जो उन्हें विद्यालय द्वारा प्रदान किया जाता है।
Correct Answer: Option B - के.मा.शि.बो. (CBSE) द्वारा अपनाए प्रगतिशील शिक्षा के प्रतिमान में बच्चों का समाजीकरण जिस प्रकार से किया जाता है उससे हम अपेक्षा कर सकते हैं कि सामाजिक सामूहिक और समाज देश आदि के भले के लिए तथा जिन कार्यों में भाग लेने पर उनकी शिक्षा, मानसिक बुद्धि में विकास हो उनमें अवश्य भाग ले। अत: वे सामूूहिक कार्य में सक्रिय भागीदारिता का निर्वाह करें तथा सामाजिक कौशल भी सीखें।
B. के.मा.शि.बो. (CBSE) द्वारा अपनाए प्रगतिशील शिक्षा के प्रतिमान में बच्चों का समाजीकरण जिस प्रकार से किया जाता है उससे हम अपेक्षा कर सकते हैं कि सामाजिक सामूहिक और समाज देश आदि के भले के लिए तथा जिन कार्यों में भाग लेने पर उनकी शिक्षा, मानसिक बुद्धि में विकास हो उनमें अवश्य भाग ले। अत: वे सामूूहिक कार्य में सक्रिय भागीदारिता का निर्वाह करें तथा सामाजिक कौशल भी सीखें।

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के.मा.शि.बो. (CBSE) द्वारा अपनाए प्रगतिशील शिक्षा के प्रतिमान में बच्चों का समाजीकरण जिस प्रकार से किया जाता है उससे हम अपेक्षा कर सकते हैं कि सामाजिक सामूहिक और समाज देश आदि के भले के लिए तथा जिन कार्यों में भाग लेने पर उनकी शिक्षा, मानसिक बुद्धि में विकास हो उनमें अवश्य भाग ले। अत: वे सामूूहिक कार्य में सक्रिय भागीदारिता का निर्वाह करें तथा सामाजिक कौशल भी सीखें।