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Q: क्लोरीन की रासायनिक अभिक्रिया के कारण जब वातावरण में क्लोरोफ्लुओरोकार्बन (सी.एफ.सी.) निर्मुक्त होते हैं, तो निम्नलिखित में से क्या विनष्ट होता है?
  • A. बीटा मॉलिक्यूल
  • B. ओजोन मॉलिक्यूल
  • C. He मॉलिक्यूल
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - क्लोरोफ्लोरोेकार्बन (क्लोरीन, फ्लोरीन एवं कार्बन) जब वातावरण में मुक्त होता है तो यह ओजोन अणुओं का क्षरण करता है। समताप मण्डल में यह 65 से 110 साल तक रह सकते हैं। क्लोरोफ्लोरोकार्बन का व्यापारिक नाम ‘फ्रेयॉन’ है। CFCs का 2/3 भाग रेफ्रिजरेटर में तथा 1/3 भाग फोम इंशुलेशन उत्पाद के रूप में होता है।
B. क्लोरोफ्लोरोेकार्बन (क्लोरीन, फ्लोरीन एवं कार्बन) जब वातावरण में मुक्त होता है तो यह ओजोन अणुओं का क्षरण करता है। समताप मण्डल में यह 65 से 110 साल तक रह सकते हैं। क्लोरोफ्लोरोकार्बन का व्यापारिक नाम ‘फ्रेयॉन’ है। CFCs का 2/3 भाग रेफ्रिजरेटर में तथा 1/3 भाग फोम इंशुलेशन उत्पाद के रूप में होता है।

Explanations:

क्लोरोफ्लोरोेकार्बन (क्लोरीन, फ्लोरीन एवं कार्बन) जब वातावरण में मुक्त होता है तो यह ओजोन अणुओं का क्षरण करता है। समताप मण्डल में यह 65 से 110 साल तक रह सकते हैं। क्लोरोफ्लोरोकार्बन का व्यापारिक नाम ‘फ्रेयॉन’ है। CFCs का 2/3 भाग रेफ्रिजरेटर में तथा 1/3 भाग फोम इंशुलेशन उत्पाद के रूप में होता है।