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Q: ‘कालकाचार्य कथा’ यह एक ................. हस्तलिखित चित्र है–
  • A. बौद्ध
  • B. जैन
  • C. शिव
  • D. वैष्णव
Correct Answer: Option B - • कालकाचार्य कथा ग्रंथ जैन धर्म में चित्रित पुस्तक है। • कालकाचार्य कथा के आधार पर निर्मित पाश्र्वनाथ, नेमिनाथ, ऋषभनाथ तथा अन्य बीस तीर्थंकर महात्माओं के दृष्टान्त चित्र जैन कला के सर्वाधिक प्राचीन उदाहरण है। • सचित्र पुस्तक कालकाचार्य कथा में जैन धर्म के अनेक तीर्थंकर को चित्रित किया गया है। • जैन धर्म के तीर्थंकारों के रूप में भिन्न-भिन्न प्रकार के रंगों का प्रयोग किया गया है। महावीर की आकृति में पीला रंग, पाश्र्वनाथ की आकृति में नीला रंग, नेमिनाथ की आकृति में काला रंग, ऋषभनाथ की आकृति में स्र्विणम रंग का प्रयोग है।
B. • कालकाचार्य कथा ग्रंथ जैन धर्म में चित्रित पुस्तक है। • कालकाचार्य कथा के आधार पर निर्मित पाश्र्वनाथ, नेमिनाथ, ऋषभनाथ तथा अन्य बीस तीर्थंकर महात्माओं के दृष्टान्त चित्र जैन कला के सर्वाधिक प्राचीन उदाहरण है। • सचित्र पुस्तक कालकाचार्य कथा में जैन धर्म के अनेक तीर्थंकर को चित्रित किया गया है। • जैन धर्म के तीर्थंकारों के रूप में भिन्न-भिन्न प्रकार के रंगों का प्रयोग किया गया है। महावीर की आकृति में पीला रंग, पाश्र्वनाथ की आकृति में नीला रंग, नेमिनाथ की आकृति में काला रंग, ऋषभनाथ की आकृति में स्र्विणम रंग का प्रयोग है।

Explanations:

• कालकाचार्य कथा ग्रंथ जैन धर्म में चित्रित पुस्तक है। • कालकाचार्य कथा के आधार पर निर्मित पाश्र्वनाथ, नेमिनाथ, ऋषभनाथ तथा अन्य बीस तीर्थंकर महात्माओं के दृष्टान्त चित्र जैन कला के सर्वाधिक प्राचीन उदाहरण है। • सचित्र पुस्तक कालकाचार्य कथा में जैन धर्म के अनेक तीर्थंकर को चित्रित किया गया है। • जैन धर्म के तीर्थंकारों के रूप में भिन्न-भिन्न प्रकार के रंगों का प्रयोग किया गया है। महावीर की आकृति में पीला रंग, पाश्र्वनाथ की आकृति में नीला रंग, नेमिनाथ की आकृति में काला रंग, ऋषभनाथ की आकृति में स्र्विणम रंग का प्रयोग है।