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Q: ‘‘किलक अरे मैं नेह निहारूँ। इन दाँतों पर मोती वारूँ।’’ उपर्युक्त पंक्तियों में कौन-सा रस है?
  • A. वात्सल्य
  • B. शांत
  • C. वीर
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - ‘‘किलक अरे मैं नेह निहारूँ। इन दाँतों पर मोती वारूँ।। उपर्युक्त पंक्तियों में वात्सल्य रस है। • संतान के प्रति स्नेह अथवा बाल्य सुलभ प्रेम वात्यल्य रस के अन्तर्गत आता है। • शांत रस का स्थायी भाव :- शम या निर्वेद (वैराग्य) • वीर रस का स्थायी भाव :- उत्साह
A. ‘‘किलक अरे मैं नेह निहारूँ। इन दाँतों पर मोती वारूँ।। उपर्युक्त पंक्तियों में वात्सल्य रस है। • संतान के प्रति स्नेह अथवा बाल्य सुलभ प्रेम वात्यल्य रस के अन्तर्गत आता है। • शांत रस का स्थायी भाव :- शम या निर्वेद (वैराग्य) • वीर रस का स्थायी भाव :- उत्साह

Explanations:

‘‘किलक अरे मैं नेह निहारूँ। इन दाँतों पर मोती वारूँ।। उपर्युक्त पंक्तियों में वात्सल्य रस है। • संतान के प्रति स्नेह अथवा बाल्य सुलभ प्रेम वात्यल्य रस के अन्तर्गत आता है। • शांत रस का स्थायी भाव :- शम या निर्वेद (वैराग्य) • वीर रस का स्थायी भाव :- उत्साह