Correct Answer:
Option A - ‘‘किलक अरे मैं नेह निहारूँ।
इन दाँतों पर मोती वारूँ।।
उपर्युक्त पंक्तियों में वात्सल्य रस है।
• संतान के प्रति स्नेह अथवा बाल्य सुलभ प्रेम वात्यल्य रस के अन्तर्गत आता है।
• शांत रस का स्थायी भाव :- शम या निर्वेद (वैराग्य)
• वीर रस का स्थायी भाव :- उत्साह
A. ‘‘किलक अरे मैं नेह निहारूँ।
इन दाँतों पर मोती वारूँ।।
उपर्युक्त पंक्तियों में वात्सल्य रस है।
• संतान के प्रति स्नेह अथवा बाल्य सुलभ प्रेम वात्यल्य रस के अन्तर्गत आता है।
• शांत रस का स्थायी भाव :- शम या निर्वेद (वैराग्य)
• वीर रस का स्थायी भाव :- उत्साह