Correct Answer:
Option C - कूलिंग सिस्टम का प्रयोग इंजन को कार्यकारी तापमान पर बनाए रखने हेतु किया जाता है।
बड़े इंजनों में वाटर कूलिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाता है, इसके लिए सिलिण्डर के चारों ओर वाटर जैकेट बनाए जाते है, इस जैकेट द्वारा जल प्रवाहित किया जाता है।
छोटे इंजनों में वायु शीतलन सिस्टम का प्रयोग किया जाता है, इसके लिए सिलेण्डर के चारों ओर फिन्स लगाए जाते है, जिससे उसकी सतह का क्षेत्रफल बढ़ जाता है। जिस कारण उâष्मा स्थानान्तरण की दर में वृद्धि होती है।
C. कूलिंग सिस्टम का प्रयोग इंजन को कार्यकारी तापमान पर बनाए रखने हेतु किया जाता है।
बड़े इंजनों में वाटर कूलिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाता है, इसके लिए सिलिण्डर के चारों ओर वाटर जैकेट बनाए जाते है, इस जैकेट द्वारा जल प्रवाहित किया जाता है।
छोटे इंजनों में वायु शीतलन सिस्टम का प्रयोग किया जाता है, इसके लिए सिलेण्डर के चारों ओर फिन्स लगाए जाते है, जिससे उसकी सतह का क्षेत्रफल बढ़ जाता है। जिस कारण उâष्मा स्थानान्तरण की दर में वृद्धि होती है।