Correct Answer:
Option C - उपर्युक्त विकल्पों में ‘ह’ काकल्य ध्वनि है। जिन व्यंजन ध्वनियों के उच्चारण में मुखगुहा खुली रहती है और वायु बन्द वंâठ को खोलकर झटके से बाहर निकलती है, उसे ‘काकल्य व्यंजन ध्वनि’ कहते हैं। ‘य’ अन्त:स्थ व्यंजन, ‘स’ ऊष्म व्यंजन है। ‘ण’ ट वर्ग का पंचम अक्षर है।
C. उपर्युक्त विकल्पों में ‘ह’ काकल्य ध्वनि है। जिन व्यंजन ध्वनियों के उच्चारण में मुखगुहा खुली रहती है और वायु बन्द वंâठ को खोलकर झटके से बाहर निकलती है, उसे ‘काकल्य व्यंजन ध्वनि’ कहते हैं। ‘य’ अन्त:स्थ व्यंजन, ‘स’ ऊष्म व्यंजन है। ‘ण’ ट वर्ग का पंचम अक्षर है।