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Q: कजरी लोक नृत्य किस ऋतु से संबंधित है?
  • A. बसंत
  • B. शरद
  • C. सर्दी
  • D. मानसून
Correct Answer: Option D - कजरी पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध लोकगीत है। कजरी की उत्पत्ति मिर्जापुर माना जाता है। मिर्जापुर पूर्वी उत्तर प्रदेश के गंगा तट पर स्थित है। यह श्रावण मास में बरसात के समय गाया जाता है। वर्षा ऋतु के प्रारंभ होने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा बिहार के पश्चिमी जिले में चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि लोकगीत गए जाते हैं। कजरी के गायन में स्त्रियाँ अपने परदेस कमाने गाए पुरुषों के विरह वेदना और अकेलेपन के दर्द को व्यक्त करती हैं।
D. कजरी पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध लोकगीत है। कजरी की उत्पत्ति मिर्जापुर माना जाता है। मिर्जापुर पूर्वी उत्तर प्रदेश के गंगा तट पर स्थित है। यह श्रावण मास में बरसात के समय गाया जाता है। वर्षा ऋतु के प्रारंभ होने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा बिहार के पश्चिमी जिले में चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि लोकगीत गए जाते हैं। कजरी के गायन में स्त्रियाँ अपने परदेस कमाने गाए पुरुषों के विरह वेदना और अकेलेपन के दर्द को व्यक्त करती हैं।

Explanations:

कजरी पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध लोकगीत है। कजरी की उत्पत्ति मिर्जापुर माना जाता है। मिर्जापुर पूर्वी उत्तर प्रदेश के गंगा तट पर स्थित है। यह श्रावण मास में बरसात के समय गाया जाता है। वर्षा ऋतु के प्रारंभ होने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा बिहार के पश्चिमी जिले में चैता, कजरी, बारहमासा, सावन आदि लोकगीत गए जाते हैं। कजरी के गायन में स्त्रियाँ अपने परदेस कमाने गाए पुरुषों के विरह वेदना और अकेलेपन के दर्द को व्यक्त करती हैं।