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Q: कोह्लर यह सिद्ध करना चाहता था कि सीखना–
  • A. एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति, पशु से श्रेष्ठ है
  • B. स्वायत्त यादृच्छिक क्रिया है
  • C. संज्ञानात्मक संकार्य है
  • D. पारिस्थिति के विभिन्न अंगों का प्रत्यक्षीकरण है
Correct Answer: Option C - कोह्लर यह सिद्ध करना चाहता था कि सीखना एक संज्ञानात्मक संकार्य है। कोह्लर ने अंतर्दृष्टि या सूझ को अधिगम में महत्त्वपूर्ण माना। नि:संदेह सूझ की प्रक्रिया एक संज्ञानात्मक प्रक्रिया है जो समस्या का संज्ञानात्मक समाधान प्रस्तुत करके सीखने की प्रक्रिया को अत्यधिक सरल, सहज तथा उद्देश्यपूर्ण बनाती है।
C. कोह्लर यह सिद्ध करना चाहता था कि सीखना एक संज्ञानात्मक संकार्य है। कोह्लर ने अंतर्दृष्टि या सूझ को अधिगम में महत्त्वपूर्ण माना। नि:संदेह सूझ की प्रक्रिया एक संज्ञानात्मक प्रक्रिया है जो समस्या का संज्ञानात्मक समाधान प्रस्तुत करके सीखने की प्रक्रिया को अत्यधिक सरल, सहज तथा उद्देश्यपूर्ण बनाती है।

Explanations:

कोह्लर यह सिद्ध करना चाहता था कि सीखना एक संज्ञानात्मक संकार्य है। कोह्लर ने अंतर्दृष्टि या सूझ को अधिगम में महत्त्वपूर्ण माना। नि:संदेह सूझ की प्रक्रिया एक संज्ञानात्मक प्रक्रिया है जो समस्या का संज्ञानात्मक समाधान प्रस्तुत करके सीखने की प्रक्रिया को अत्यधिक सरल, सहज तथा उद्देश्यपूर्ण बनाती है।