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Q: ___________ को वह पवित्र व्यक्ति माना जाता है, जिसने जैन धर्म को उसका वर्तमान स्वरूप प्रदान किया।
  • A. महावीर
  • B. वासुदेव
  • C. ऋषभनाथ
  • D. दिगंबर
Correct Answer: Option A - महावीर को वह पवित्र व्यक्ति माना जाता है, जिसने जैन धर्म को उसका वर्तमान स्वरूप प्रदान किया। महावीर का जन्म प्राचीन वज्जि गणतन्त्र की राजधानी वैशाली के निकट कुण्डग्राम के ज्ञातृककुल के प्रधान सिद्धार्थ के यहाँ 540 ई़ पू़ में हुआ था। इनकी माता का नाम त्रिशला था, जो लिच्छवी राजकुमारी थी, तथा इनकी पत्नी का नाम यशोदा था।
A. महावीर को वह पवित्र व्यक्ति माना जाता है, जिसने जैन धर्म को उसका वर्तमान स्वरूप प्रदान किया। महावीर का जन्म प्राचीन वज्जि गणतन्त्र की राजधानी वैशाली के निकट कुण्डग्राम के ज्ञातृककुल के प्रधान सिद्धार्थ के यहाँ 540 ई़ पू़ में हुआ था। इनकी माता का नाम त्रिशला था, जो लिच्छवी राजकुमारी थी, तथा इनकी पत्नी का नाम यशोदा था।

Explanations:

महावीर को वह पवित्र व्यक्ति माना जाता है, जिसने जैन धर्म को उसका वर्तमान स्वरूप प्रदान किया। महावीर का जन्म प्राचीन वज्जि गणतन्त्र की राजधानी वैशाली के निकट कुण्डग्राम के ज्ञातृककुल के प्रधान सिद्धार्थ के यहाँ 540 ई़ पू़ में हुआ था। इनकी माता का नाम त्रिशला था, जो लिच्छवी राजकुमारी थी, तथा इनकी पत्नी का नाम यशोदा था।