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Q: ...........के मामले में पहली बार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘‘मूल संरचना के सिद्धांत’’ को मान्यता दी गई थी।
  • A. एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ
  • B. अविनाश मेहरोत्रा बनाम भारत संघ और अन्य
  • C. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
  • D. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
Correct Answer: Option D - केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य के मामले में पहली बार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘‘मूल संरचना के सिद्धान्त’’ को मान्यता दी गई थी तथा प्रस्तावना को भी संविधान का मूल ढांचा माना गया था। भारतीय संविधान की प्रस्तावना का विचार अमेरिका के संविधान से तथा इसकी भाषा को ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है।
D. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य के मामले में पहली बार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘‘मूल संरचना के सिद्धान्त’’ को मान्यता दी गई थी तथा प्रस्तावना को भी संविधान का मूल ढांचा माना गया था। भारतीय संविधान की प्रस्तावना का विचार अमेरिका के संविधान से तथा इसकी भाषा को ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है।

Explanations:

केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य के मामले में पहली बार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘‘मूल संरचना के सिद्धान्त’’ को मान्यता दी गई थी तथा प्रस्तावना को भी संविधान का मूल ढांचा माना गया था। भारतीय संविधान की प्रस्तावना का विचार अमेरिका के संविधान से तथा इसकी भाषा को ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है।