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Q: क: ‘अन्यादृश एव लोकपाल: अपूर्वो विबुधपति: अदण्डकरो धर्मराज:, अजधन्य: प्रचेता:’?
  • A. नल:
  • B. शूद्रक:
  • C. चन्द्रापीड:
  • D. तारापीड:
Correct Answer: Option A - नल: अन्यादृश एव लोकपाल: अपूर्वो विबुधपति: अदण्डकरो धर्मराज:, अजधन्य: प्रचेता:। अर्थात् राजा नल दूसरे ही प्रकार का अलौकिक लोकपाल था। अर्थात् जगत के पालक इन्द्र, यम, कुबेर, वरुण और लोकपालों से भिन्न प्रजापालक लोकपाल था। राजानल निषध नगरी का राजा था।
A. नल: अन्यादृश एव लोकपाल: अपूर्वो विबुधपति: अदण्डकरो धर्मराज:, अजधन्य: प्रचेता:। अर्थात् राजा नल दूसरे ही प्रकार का अलौकिक लोकपाल था। अर्थात् जगत के पालक इन्द्र, यम, कुबेर, वरुण और लोकपालों से भिन्न प्रजापालक लोकपाल था। राजानल निषध नगरी का राजा था।

Explanations:

नल: अन्यादृश एव लोकपाल: अपूर्वो विबुधपति: अदण्डकरो धर्मराज:, अजधन्य: प्रचेता:। अर्थात् राजा नल दूसरे ही प्रकार का अलौकिक लोकपाल था। अर्थात् जगत के पालक इन्द्र, यम, कुबेर, वरुण और लोकपालों से भिन्न प्रजापालक लोकपाल था। राजानल निषध नगरी का राजा था।