Correct Answer:
Option B - ज्ञानचन्द्र जैन कृत ‘कथाशेष’ शीर्षक जीवनी अमृतलाल नागर से संबंधित है। ज्ञानचंद्र जैन उर्दू भाषा के विख्यात साहित्यकार है । ‘जिक्र-ओ-फिक्र’ (उर्दू भाषा) नामक समालोचना के लिये उन्हें 1982 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
B. ज्ञानचन्द्र जैन कृत ‘कथाशेष’ शीर्षक जीवनी अमृतलाल नागर से संबंधित है। ज्ञानचंद्र जैन उर्दू भाषा के विख्यात साहित्यकार है । ‘जिक्र-ओ-फिक्र’ (उर्दू भाषा) नामक समालोचना के लिये उन्हें 1982 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।