Correct Answer:
Option C - मुनिस्यार अर्थात् मुनि का सेरा अर्थात् तपस्वियों का तपस्थल होने के कारण सम्भवत: इसका नाम मुनिस्यारी पड़ा। मुनिस्यारी जनपद पिथौरागढ़ से
165 किमी. दूरी पर स्थित है। मुनिस्यारी में ऊँनी वस्तुएं-शाल, दन, कालीन, पंखी, पशमीना, दुशाले, जड़ी-बूटियां आदि मिलती हैं। यहाँ से रालम, नामिक और मिलम ग्लेशियर को रास्ता जाता है।
C. मुनिस्यार अर्थात् मुनि का सेरा अर्थात् तपस्वियों का तपस्थल होने के कारण सम्भवत: इसका नाम मुनिस्यारी पड़ा। मुनिस्यारी जनपद पिथौरागढ़ से
165 किमी. दूरी पर स्थित है। मुनिस्यारी में ऊँनी वस्तुएं-शाल, दन, कालीन, पंखी, पशमीना, दुशाले, जड़ी-बूटियां आदि मिलती हैं। यहाँ से रालम, नामिक और मिलम ग्लेशियर को रास्ता जाता है।