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Q: जैन धर्म में तीर्थंकर किसे कहते हैं?
  • A. धर्म का रक्षक एवं आध्यात्मिक शिक्षक, जो मोक्ष, या मुक्ति का मार्ग बताता है।
  • B. वह व्यक्ति, जो एक ईश्वर और एक आत्मा में विश्वास करता है, तथा पुनर्जन्म में विश्वास रखता है।
  • C. वह व्यक्ति, जो कभी भी ईश्वर में विश्वास नहीं करता है।
  • D. तीर्थयात्रियों का एक समूह।
Correct Answer: Option A - जैन धर्म में तीर्थंकर को धर्म का रक्षक एवं आध्यात्मिक शिक्षक के रूप में माना जाता है जो मोक्ष या मुक्ति का मार्ग बताता है। जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं। ऋषभदेव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर और महावीर स्वामी चौबीसवें तीर्थंकर हुए।
A. जैन धर्म में तीर्थंकर को धर्म का रक्षक एवं आध्यात्मिक शिक्षक के रूप में माना जाता है जो मोक्ष या मुक्ति का मार्ग बताता है। जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं। ऋषभदेव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर और महावीर स्वामी चौबीसवें तीर्थंकर हुए।

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जैन धर्म में तीर्थंकर को धर्म का रक्षक एवं आध्यात्मिक शिक्षक के रूप में माना जाता है जो मोक्ष या मुक्ति का मार्ग बताता है। जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं। ऋषभदेव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर और महावीर स्वामी चौबीसवें तीर्थंकर हुए।