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Q: ‘‘जान पड़ता नेत्र देख बड़े-बड़े हीरकों में गोल नीलम हैं जड़े।’’ इसमें कौन- सा अलंकार है?
  • A. वस्तूत्प्रेक्षा
  • B. हेतूत्प्रेक्षा
  • C. संदेह
  • D. फलोत्प्रेक्षा
Correct Answer: Option A - ‘‘जान पड़ता नेत्र देख बड़े-बड़े हीरको में गोल नीलम हैं जड़े ।’’ उक्त पंक्यिों में ‘वस्तूत्प्रेक्षा अलंकार’ है। जहाँ उपमेय रूप वस्तु में उपमान रूपी वस्तु की सम्भावना की जाय, वहाँ वस्तूत्प्रेक्षा अलंकार होता है। जैसे- उस काल मारे क्रोध के तनु कांपने उसका लगा । मानों हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा ।।
A. ‘‘जान पड़ता नेत्र देख बड़े-बड़े हीरको में गोल नीलम हैं जड़े ।’’ उक्त पंक्यिों में ‘वस्तूत्प्रेक्षा अलंकार’ है। जहाँ उपमेय रूप वस्तु में उपमान रूपी वस्तु की सम्भावना की जाय, वहाँ वस्तूत्प्रेक्षा अलंकार होता है। जैसे- उस काल मारे क्रोध के तनु कांपने उसका लगा । मानों हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा ।।

Explanations:

‘‘जान पड़ता नेत्र देख बड़े-बड़े हीरको में गोल नीलम हैं जड़े ।’’ उक्त पंक्यिों में ‘वस्तूत्प्रेक्षा अलंकार’ है। जहाँ उपमेय रूप वस्तु में उपमान रूपी वस्तु की सम्भावना की जाय, वहाँ वस्तूत्प्रेक्षा अलंकार होता है। जैसे- उस काल मारे क्रोध के तनु कांपने उसका लगा । मानों हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा ।।