Correct Answer:
Option B - जैन परम्परा के अनुसार बाइसवें तीर्थंकर नेमिनाथ थे। इन्हे कृष्ण के समकालीन और उनका वंशज माना गया। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को इन्होंने दीक्षा ग्रहण की तथा आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को गिरनार पर्वत पर इन्हें कैवल्य की प्राप्ति हुई। पार्श्वनाथ 23वें तीर्थकर थे। अन्तिम एवं 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी थे।
B. जैन परम्परा के अनुसार बाइसवें तीर्थंकर नेमिनाथ थे। इन्हे कृष्ण के समकालीन और उनका वंशज माना गया। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को इन्होंने दीक्षा ग्रहण की तथा आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को गिरनार पर्वत पर इन्हें कैवल्य की प्राप्ति हुई। पार्श्वनाथ 23वें तीर्थकर थे। अन्तिम एवं 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी थे।