Correct Answer:
Option A - प्रस्तुत मामले में जीना को डाक से हुई छेड़छाड़ की जाँच करनी चाहिये तथा ऐसी स्थिति भविष्य में न हो इसके लिए एंटी स्पाइवेयर का उपयोग करना चाहिये।
स्पाइंग (Spying) एक ऐसा कार्य है जिसके द्वारा सूचनादाता के गुप्त या गोपनीय जानकारी जिसको प्रकट नहीं किया गया है, सूचनादाता की अनुमति के बिना प्राप्त किया जाता है। स्पाइवेयर हानिकारक हो सकते हैं, परन्तु इसे हटाया जा सकता है तथा सुविख्यात एन्टीवायरस साफ्टवेयर उपकरण का प्रयोग निरन्तर करते रहने से संरक्षित किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति स्पाइवेयर से प्रभावित हैं तो कुछ स्टेप जैसे अपने पासवर्ड को चेंज कर, अपने बैंक को फ्रॉड की सूचना देकर, इससे बच सकता है।
A. प्रस्तुत मामले में जीना को डाक से हुई छेड़छाड़ की जाँच करनी चाहिये तथा ऐसी स्थिति भविष्य में न हो इसके लिए एंटी स्पाइवेयर का उपयोग करना चाहिये।
स्पाइंग (Spying) एक ऐसा कार्य है जिसके द्वारा सूचनादाता के गुप्त या गोपनीय जानकारी जिसको प्रकट नहीं किया गया है, सूचनादाता की अनुमति के बिना प्राप्त किया जाता है। स्पाइवेयर हानिकारक हो सकते हैं, परन्तु इसे हटाया जा सकता है तथा सुविख्यात एन्टीवायरस साफ्टवेयर उपकरण का प्रयोग निरन्तर करते रहने से संरक्षित किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति स्पाइवेयर से प्रभावित हैं तो कुछ स्टेप जैसे अपने पासवर्ड को चेंज कर, अपने बैंक को फ्रॉड की सूचना देकर, इससे बच सकता है।