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Q: ``जिहि सुमिरत सिधि होइ। गननायक करिवर बदन। करहु अनुग्रह सोइ। बुद्धि राशि सुभ गुन सदन।।'' उपर्युक्त पंक्तियों में छन्द है
  • A. दोहा
  • B. सोरठा
  • C. बरवै
  • D. रोला
Correct Answer: Option B - उपर्युक्त पंक्तियाँ कविता-कानन केसरी, कवि कुल कलाधार, सन्त शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज द्वारा विरचित प्रसिद्ध महाकाव्य `रामचरित मानस' से उद्धृत हैं। यह पंक्तियाँ सोरठा छन्द में निबद्ध हैं। सोरठा छन्द दोहे के विपरीत होता है। इसके पहले और तीसरे चरण में 11-11 मात्राएं होती हैं तथा दूसरे और चौथे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं।
B. उपर्युक्त पंक्तियाँ कविता-कानन केसरी, कवि कुल कलाधार, सन्त शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज द्वारा विरचित प्रसिद्ध महाकाव्य `रामचरित मानस' से उद्धृत हैं। यह पंक्तियाँ सोरठा छन्द में निबद्ध हैं। सोरठा छन्द दोहे के विपरीत होता है। इसके पहले और तीसरे चरण में 11-11 मात्राएं होती हैं तथा दूसरे और चौथे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं।

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उपर्युक्त पंक्तियाँ कविता-कानन केसरी, कवि कुल कलाधार, सन्त शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज द्वारा विरचित प्रसिद्ध महाकाव्य `रामचरित मानस' से उद्धृत हैं। यह पंक्तियाँ सोरठा छन्द में निबद्ध हैं। सोरठा छन्द दोहे के विपरीत होता है। इसके पहले और तीसरे चरण में 11-11 मात्राएं होती हैं तथा दूसरे और चौथे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं।