search
Q: जब सरकार अपनी राजस्व आय से अधिक खर्च करती है तब इसी आधिक्य को कहते हैं-
  • A. प्राथमिक घाटा
  • B. राजकोषीय घाटा
  • C. बजटीय घाटा
  • D. राजस्व घाटा
Correct Answer: Option D - जब सरकार अपनी राजस्व आय से अधिक खर्च करती है तो इस आधिक्य को राजस्व घाटा कहते हैं। राजस्व घाटे का तात्पर्य राजस्व व्यय तथा राजस्व प्राप्तियों के बीच के अंतर से है। यह केन्द्र सरकार के उधार एवं देनदारियों में होने वाली वृद्धि को व्यक्त करता है, परन्तु जिसके साथ परिसम्पत्तियों में कोई वृद्धि नहीं होती है। राजस्व घाटा (R.D) = राजस्व व्यय (R.E)–राजस्व प्राप्तियां (R.R)
D. जब सरकार अपनी राजस्व आय से अधिक खर्च करती है तो इस आधिक्य को राजस्व घाटा कहते हैं। राजस्व घाटे का तात्पर्य राजस्व व्यय तथा राजस्व प्राप्तियों के बीच के अंतर से है। यह केन्द्र सरकार के उधार एवं देनदारियों में होने वाली वृद्धि को व्यक्त करता है, परन्तु जिसके साथ परिसम्पत्तियों में कोई वृद्धि नहीं होती है। राजस्व घाटा (R.D) = राजस्व व्यय (R.E)–राजस्व प्राप्तियां (R.R)

Explanations:

जब सरकार अपनी राजस्व आय से अधिक खर्च करती है तो इस आधिक्य को राजस्व घाटा कहते हैं। राजस्व घाटे का तात्पर्य राजस्व व्यय तथा राजस्व प्राप्तियों के बीच के अंतर से है। यह केन्द्र सरकार के उधार एवं देनदारियों में होने वाली वृद्धि को व्यक्त करता है, परन्तु जिसके साथ परिसम्पत्तियों में कोई वृद्धि नहीं होती है। राजस्व घाटा (R.D) = राजस्व व्यय (R.E)–राजस्व प्राप्तियां (R.R)