Correct Answer:
Option B - जब कोई देश अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करता है तो उस देश की मुद्रा का मूल्य विदेशी मुद्रा के सापेक्ष कम हो जाता है अर्थात अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उस मुद्रा की कीमत कम हो जाती है। फलस्वरूप उस देश की वस्तुओं की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कम तथा दूसरे देशों में समान की कीमत बढ़ जाती है जिससे आयात महंगे हो जाते है और निर्यात सस्ते हो जाते है। इससे निर्यात को प्रोत्साहन मिलता है।
B. जब कोई देश अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करता है तो उस देश की मुद्रा का मूल्य विदेशी मुद्रा के सापेक्ष कम हो जाता है अर्थात अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उस मुद्रा की कीमत कम हो जाती है। फलस्वरूप उस देश की वस्तुओं की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कम तथा दूसरे देशों में समान की कीमत बढ़ जाती है जिससे आयात महंगे हो जाते है और निर्यात सस्ते हो जाते है। इससे निर्यात को प्रोत्साहन मिलता है।