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Q: जब एक आवेग टरबाइन के चल-ब्लेड के ऊपर से भाप प्रवाहित होती है तो-
  • A. दाब स्थिर बना रहता है और वेग घट जाता है।
  • B. दाब और वेग दोनों स्थिर बने रहते हैं।
  • C. दाब और वेग दोनों घट जाते हैं।
  • D. दाब कम हो जाता है और वेग बढ़ जाता है।
Correct Answer: Option A - आवेगी टरबाइन में भाप का प्रवेश सर्वप्रथम नॉजलों में बॉयलर के उच्च दाब और निम्न गति पर होता है नॉजलों में प्रवाह के अन्तर्गत भाप जेट के दाब में कमी आती है। तथा गति में वृद्धि होती है। भाप जब चल ब्लेड़ों पर प्रवाहित होती है तब उसका दाब स्थिर रहता है और गति में कमी आती है।
A. आवेगी टरबाइन में भाप का प्रवेश सर्वप्रथम नॉजलों में बॉयलर के उच्च दाब और निम्न गति पर होता है नॉजलों में प्रवाह के अन्तर्गत भाप जेट के दाब में कमी आती है। तथा गति में वृद्धि होती है। भाप जब चल ब्लेड़ों पर प्रवाहित होती है तब उसका दाब स्थिर रहता है और गति में कमी आती है।

Explanations:

आवेगी टरबाइन में भाप का प्रवेश सर्वप्रथम नॉजलों में बॉयलर के उच्च दाब और निम्न गति पर होता है नॉजलों में प्रवाह के अन्तर्गत भाप जेट के दाब में कमी आती है। तथा गति में वृद्धि होती है। भाप जब चल ब्लेड़ों पर प्रवाहित होती है तब उसका दाब स्थिर रहता है और गति में कमी आती है।