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निर्देश : गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्र.सं. 258 से 264) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी की जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुनने नहीं, महसूस ही न करें, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान वेंâद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महाने संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा– पूरा ध्यान। आप पूछ सकते है कि ‘‘आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?’’ इस सवार का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सु तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिलकुल पास खड़े हों, और तब उनका स्पर्श दूसरों को आगाह करता था। पर कुछ ही क्षाों में तेजी से फैलती वह खामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.....सात क्या उसके भी कई-कई सालो बाद भी। ‘महत्वपूर्ण’ शब्द है