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Q: इसमें से कौन सा ग्रंथ लौकिक चरितकाव्य माना जाता है?
  • A. भविसयत्त कहा
  • B. योगसार
  • C. परमात्मप्रकाश
  • D. पाहुड़दोहा
Correct Answer: Option A - दिये गये विकल्पों में ‘भविसयत्त कहा’ ग्रंथ लौकिक चरितकाव्य माना जाता है। भविसयत्त कहा के लेखक ‘धनपाल’ हैं– अन्य ग्रंथों के रचनाकार इस प्रकार हैं– ग्रन्थ रचनाकार योगसार जोइन्दु परमात्म प्रकाश जोइन्दु पाहुड़दोहा मुनिराम सिंह
A. दिये गये विकल्पों में ‘भविसयत्त कहा’ ग्रंथ लौकिक चरितकाव्य माना जाता है। भविसयत्त कहा के लेखक ‘धनपाल’ हैं– अन्य ग्रंथों के रचनाकार इस प्रकार हैं– ग्रन्थ रचनाकार योगसार जोइन्दु परमात्म प्रकाश जोइन्दु पाहुड़दोहा मुनिराम सिंह

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दिये गये विकल्पों में ‘भविसयत्त कहा’ ग्रंथ लौकिक चरितकाव्य माना जाता है। भविसयत्त कहा के लेखक ‘धनपाल’ हैं– अन्य ग्रंथों के रचनाकार इस प्रकार हैं– ग्रन्थ रचनाकार योगसार जोइन्दु परमात्म प्रकाश जोइन्दु पाहुड़दोहा मुनिराम सिंह