Explanations:
तुर्की प्रशासन व्यवस्था में सैनिक संगठन का विशेष महत्व था। सल्तन की सैन्य व्यवस्था का शुभारम्भ इल्तुतमिश के शासन काल में हुआ। इसके समय सल्तनत की सेना को `हश्म-ए-कल्ब' (केंद्रीय सेना) या `कल्ब-ए-सुल्तानी' कहा जाता था। इल्तुतमिश ने गुलामों के रूप में भर्ती किए गए सैनिकों के द्वारा अपनी सेना का गठन किया। इल्तुतमिश ने अपनी सेना के सैनिकों को नकद रूप में वेतन प्रदान करने के स्थान पर `इक्ता' के रूप में भूमि के टुकड़े प्रदान किए। बलबन ने सर्वप्रथम सैन्य विभाग `दीवान-ए-अर्ज' की स्थापना की। अलाउद्दीन का काल सैनिक सुधारों की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण है। उनसे एक स्थायी सेना का गठन किया तथा `इक्ता' प्रथा को समाप्त कर सैनिकों को नकद रूप में वेतन का भुगतान किया।