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Q: इस प्रश्न में दो वक्तव्य हैं। एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है। इन दोनों वक्तव्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर इन प्रश्नांशों का उत्तर नीचे दिये गए कूट की सहायता से चुनिए— कथन (A) : वसीय अम्लों (Fatty acids) को सन्तुलित मानव आहार का एक भाग होना चाहिए। कारण (R) : मानव-शरीर कोशिकाएँ किसी भी तरह के वसीय अम्लों का संश्लेषण (Synthesize of fatty acids) नहीं कर सकता। कूट —
  • A. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है
  • B. A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है
  • C. A सही है परन्तु R गलत है
  • D. A गलत है परन्तु R सही है
Correct Answer: Option C - वसा, ग्लिसरॉल एवं वसीय अम्लों का एक एस्टर होता है। वसा दो प्रकार के होते हैं—संतृप्त एवं असंतृप्त। असंतृप्त वसा मछली के तेल एवं वनस्पति तेल में पायी जाती है। 1 ग्राम वसा मे 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। वसा के बढ़ने के फलस्वरूप शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हृदय सम्बन्धी बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं।
C. वसा, ग्लिसरॉल एवं वसीय अम्लों का एक एस्टर होता है। वसा दो प्रकार के होते हैं—संतृप्त एवं असंतृप्त। असंतृप्त वसा मछली के तेल एवं वनस्पति तेल में पायी जाती है। 1 ग्राम वसा मे 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। वसा के बढ़ने के फलस्वरूप शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हृदय सम्बन्धी बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं।

Explanations:

वसा, ग्लिसरॉल एवं वसीय अम्लों का एक एस्टर होता है। वसा दो प्रकार के होते हैं—संतृप्त एवं असंतृप्त। असंतृप्त वसा मछली के तेल एवं वनस्पति तेल में पायी जाती है। 1 ग्राम वसा मे 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। वसा के बढ़ने के फलस्वरूप शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हृदय सम्बन्धी बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं।