Correct Answer:
Option B - वैल्डिंग प्रक्रिया में जब फिलर मैटल पिघलती है तो वह अपने अन्दर गैसों को सोख लेती है और जब यह धातु ठण्डी होती है तो ये गैसे बाहर निकलने की कोशिश करती है। इन गैसों के बाहर निकलने से धातु की आन्तरिक संरचना में सरंध्रता आ जाते हैं।
सरंध्रता (Porosity) के कारण–
(i) विद्युत धारा का अधिक होना
(ii) अनुचित वैल्डिंग तकनीकी का प्रयोग
(iii) सही फिलर रॉड का प्रयोग न होना।
(iv) आर्क आवश्यकता से अधिक बड़ा होना।
B. वैल्डिंग प्रक्रिया में जब फिलर मैटल पिघलती है तो वह अपने अन्दर गैसों को सोख लेती है और जब यह धातु ठण्डी होती है तो ये गैसे बाहर निकलने की कोशिश करती है। इन गैसों के बाहर निकलने से धातु की आन्तरिक संरचना में सरंध्रता आ जाते हैं।
सरंध्रता (Porosity) के कारण–
(i) विद्युत धारा का अधिक होना
(ii) अनुचित वैल्डिंग तकनीकी का प्रयोग
(iii) सही फिलर रॉड का प्रयोग न होना।
(iv) आर्क आवश्यकता से अधिक बड़ा होना।