Correct Answer:
Option B - आगत तथा निर्गत तंत्रिकाएँ केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र में मिलती है। आगत और निर्गत तंत्रिकाओं के बीच रिफ्लेक्स आर्क कनेक्शन रीढ़ की हड्डी के एक बंडल में मिलते है। रीढ़ की हड्डी में किसी भी प्रकार की चोट लगने से तंत्रिकाओं में आने वाले संकेत के साथ-साथ रिसेप्टर्स तक आने वाले संकेत भी बाधित हो जाते है। मानव का तंत्रिका तंत्र दो भागों में विभाजित होता है। -(क) केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र तथा परिधीय तंत्रिका तंत्र। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क तथा मेरूरज्जु सम्मिलित है जहाँ सूचनाओं का संसाधन एवं नियंत्रण होता हैं परिधीय तंत्रिका तंत्र में दो पंकार की तंत्रिकाएं होती है - संवेदी और प्रेरक। संवेदी तंत्रिकाएं उद्दीपनों को उत्तकों/ अंगों से केन्द्रीयों तंत्रिका मंत्र तथा प्रेरक तंत्रिकाएं नियामक उद्दीपनों को केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र से संबंधित परिधीय उत्तक/अंगों तक पहुँचाती है।
B. आगत तथा निर्गत तंत्रिकाएँ केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र में मिलती है। आगत और निर्गत तंत्रिकाओं के बीच रिफ्लेक्स आर्क कनेक्शन रीढ़ की हड्डी के एक बंडल में मिलते है। रीढ़ की हड्डी में किसी भी प्रकार की चोट लगने से तंत्रिकाओं में आने वाले संकेत के साथ-साथ रिसेप्टर्स तक आने वाले संकेत भी बाधित हो जाते है। मानव का तंत्रिका तंत्र दो भागों में विभाजित होता है। -(क) केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र तथा परिधीय तंत्रिका तंत्र। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क तथा मेरूरज्जु सम्मिलित है जहाँ सूचनाओं का संसाधन एवं नियंत्रण होता हैं परिधीय तंत्रिका तंत्र में दो पंकार की तंत्रिकाएं होती है - संवेदी और प्रेरक। संवेदी तंत्रिकाएं उद्दीपनों को उत्तकों/ अंगों से केन्द्रीयों तंत्रिका मंत्र तथा प्रेरक तंत्रिकाएं नियामक उद्दीपनों को केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र से संबंधित परिधीय उत्तक/अंगों तक पहुँचाती है।