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Q: Increased glucose tolerance is seen in वर्धित ग्लूकोज सह्यता......... में देखी जाती है।
  • A. Hypopitutarism / हाइपोपिट्यूटरिज्म
  • B. Hyperinsulinism/हाइपरइनसुलिनिज्म
  • C. Hypothyroidism /हाइपोथायरायडिज्म
  • D. All of the above /उपरोक्त सभी
Correct Answer: Option D - हाइपोपिट्यूटरिज्म- पिट्यूटरी ग्रन्थि द्वारा स्रावित हार्मोन की मात्रा में कमी या स्रावण का रूक जाना। इस स्थिति में थाइरॉयड ग्रंन्थि का प्रभावित होना एवं उपापचय क्रिया का असंतुलन। हाइपरइनसुलिनिज्म- अग्न्याशय की लैंगरहेन्स कोशिकाओं द्वारा इन्सुलिन का अधिक स्रावण करने से हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त में ग्लूकोज की कमी) की स्थिति पैदा हो जाती है। इस स्थिति में शरीर लीवर में संचित ग्लूकोज (ग्लाइकोजन) का उपयोग करना शुरू करता है ताकि शरीर को ऊर्जा प्रदान किया जा सके। हाइपोथायरायडिज्म- थाइरॉयड ग्रंथि द्वारा सभी हॉर्मोनों को ठीक तरह से स्रावण न करना या बंद कर देना जिससे थाइरॉक्सिन हॉर्मोन जो की पाचन, हृदय एवं मांसपेशियों के कार्यों का संचालन करता है बाधित हो जाता है।
D. हाइपोपिट्यूटरिज्म- पिट्यूटरी ग्रन्थि द्वारा स्रावित हार्मोन की मात्रा में कमी या स्रावण का रूक जाना। इस स्थिति में थाइरॉयड ग्रंन्थि का प्रभावित होना एवं उपापचय क्रिया का असंतुलन। हाइपरइनसुलिनिज्म- अग्न्याशय की लैंगरहेन्स कोशिकाओं द्वारा इन्सुलिन का अधिक स्रावण करने से हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त में ग्लूकोज की कमी) की स्थिति पैदा हो जाती है। इस स्थिति में शरीर लीवर में संचित ग्लूकोज (ग्लाइकोजन) का उपयोग करना शुरू करता है ताकि शरीर को ऊर्जा प्रदान किया जा सके। हाइपोथायरायडिज्म- थाइरॉयड ग्रंथि द्वारा सभी हॉर्मोनों को ठीक तरह से स्रावण न करना या बंद कर देना जिससे थाइरॉक्सिन हॉर्मोन जो की पाचन, हृदय एवं मांसपेशियों के कार्यों का संचालन करता है बाधित हो जाता है।

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हाइपोपिट्यूटरिज्म- पिट्यूटरी ग्रन्थि द्वारा स्रावित हार्मोन की मात्रा में कमी या स्रावण का रूक जाना। इस स्थिति में थाइरॉयड ग्रंन्थि का प्रभावित होना एवं उपापचय क्रिया का असंतुलन। हाइपरइनसुलिनिज्म- अग्न्याशय की लैंगरहेन्स कोशिकाओं द्वारा इन्सुलिन का अधिक स्रावण करने से हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त में ग्लूकोज की कमी) की स्थिति पैदा हो जाती है। इस स्थिति में शरीर लीवर में संचित ग्लूकोज (ग्लाइकोजन) का उपयोग करना शुरू करता है ताकि शरीर को ऊर्जा प्रदान किया जा सके। हाइपोथायरायडिज्म- थाइरॉयड ग्रंथि द्वारा सभी हॉर्मोनों को ठीक तरह से स्रावण न करना या बंद कर देना जिससे थाइरॉक्सिन हॉर्मोन जो की पाचन, हृदय एवं मांसपेशियों के कार्यों का संचालन करता है बाधित हो जाता है।