Correct Answer:
Option B - गुलाम वंश के संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक ने अजमेर में अढ़ाई दिन का झोपड़ा नामक एक मस्जिद का निर्माण करवाया, जो कि पहले प्रसिद्ध चौहान वंशीय शासक विग्रहराज चतुर्थ बीसलदेव द्वारा बनवाया गया एक संस्कृत मठ या सरस्वती मंदिर था। आज भी इस मस्जिद की दीवारों पर बीसलदेव रचित ‘हरिकेलि नाटक’ और उसके दरबारी कवि सोमदेव कृत ‘ललित विग्रह राज’ की कुछ पक्तियां देखी जा सकती हैं।
B. गुलाम वंश के संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक ने अजमेर में अढ़ाई दिन का झोपड़ा नामक एक मस्जिद का निर्माण करवाया, जो कि पहले प्रसिद्ध चौहान वंशीय शासक विग्रहराज चतुर्थ बीसलदेव द्वारा बनवाया गया एक संस्कृत मठ या सरस्वती मंदिर था। आज भी इस मस्जिद की दीवारों पर बीसलदेव रचित ‘हरिकेलि नाटक’ और उसके दरबारी कवि सोमदेव कृत ‘ललित विग्रह राज’ की कुछ पक्तियां देखी जा सकती हैं।