Correct Answer:
Option A - कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) की मृत्यु 1210 ई. में लाहौर में चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरकर हो गयी थी। ऐबक का मकबरा लाहौर में स्थित है। कुतुबुद्दीन, मुहम्मद गोरी का दास था।
- ऐबक ने उत्तर भारत में पहली मस्जिद ‘‘कुव्वत-उल-इस्लाम’’ का निर्माण दिल्ली में करवाया था, जो विष्णु मंदिर के स्थान पर बनवायी गयी।
- अजमेर में संस्कृत विश्वविद्यालय के स्थान पर ढाई दिन का झोपड़ा का निर्माण करवाया तथा सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की याद में कुतुब मीनार का निर्माण करवाया।
कुतुबुद्दीन को लाखबख्श (लाखों का दान करने वाला), कुरानख्वां (सुरीले स्वर में कुरान पढ़ने के कारण) कहा जाता है।
A. कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210) की मृत्यु 1210 ई. में लाहौर में चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरकर हो गयी थी। ऐबक का मकबरा लाहौर में स्थित है। कुतुबुद्दीन, मुहम्मद गोरी का दास था।
- ऐबक ने उत्तर भारत में पहली मस्जिद ‘‘कुव्वत-उल-इस्लाम’’ का निर्माण दिल्ली में करवाया था, जो विष्णु मंदिर के स्थान पर बनवायी गयी।
- अजमेर में संस्कृत विश्वविद्यालय के स्थान पर ढाई दिन का झोपड़ा का निर्माण करवाया तथा सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की याद में कुतुब मीनार का निर्माण करवाया।
कुतुबुद्दीन को लाखबख्श (लाखों का दान करने वाला), कुरानख्वां (सुरीले स्वर में कुरान पढ़ने के कारण) कहा जाता है।