Correct Answer:
Option D - दिये गये विकल्पों में ‘को’ परसर्ग कर्म कारक का चिह्न है।
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका संबंध सूचित हो उसे कारक कहते हैं। हिंदी व्याकरण में कुल 8 प्रकार के कारकों का विधान किया गया है, जो परसर्ग सहित इस प्रकार हैं–
कारक – परसर्ग
कर्ता – ने
कर्म – को
करण – से/के द्वारा
सम्प्रदान – के लिए
अपादान – से (अलगाव)
संबंध – का, के, की, ना, ने, नी, रा, रे, री
अधिकरण – में, पर
सम्बोधन – हे!, ओ!, अरे!, अजी!
D. दिये गये विकल्पों में ‘को’ परसर्ग कर्म कारक का चिह्न है।
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका संबंध सूचित हो उसे कारक कहते हैं। हिंदी व्याकरण में कुल 8 प्रकार के कारकों का विधान किया गया है, जो परसर्ग सहित इस प्रकार हैं–
कारक – परसर्ग
कर्ता – ने
कर्म – को
करण – से/के द्वारा
सम्प्रदान – के लिए
अपादान – से (अलगाव)
संबंध – का, के, की, ना, ने, नी, रा, रे, री
अधिकरण – में, पर
सम्बोधन – हे!, ओ!, अरे!, अजी!