Correct Answer:
Option C - वल्लभाचार्य (शुद्धाद्वैतवाद), मध्वाचार्य (द्वैतावाद), और रामानुजाचार्य (विशिष्टाद्वैतावाद) से सम्बन्धित आचार्य हैं। ये सभी वैष्णव भक्ति आचार्य हैं, वैष्णव भक्ति में सगुण की प्रधानता रहती है। जबकि शंकराचार्य (अद्वैतवाद) से सम्बन्धित आचार्य हैं। इसका मुख्य धर्म या भक्ति स्मृति है : जिसमें निर्गुण की प्रधानता होती है।
C. वल्लभाचार्य (शुद्धाद्वैतवाद), मध्वाचार्य (द्वैतावाद), और रामानुजाचार्य (विशिष्टाद्वैतावाद) से सम्बन्धित आचार्य हैं। ये सभी वैष्णव भक्ति आचार्य हैं, वैष्णव भक्ति में सगुण की प्रधानता रहती है। जबकि शंकराचार्य (अद्वैतवाद) से सम्बन्धित आचार्य हैं। इसका मुख्य धर्म या भक्ति स्मृति है : जिसमें निर्गुण की प्रधानता होती है।