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Q: इनमें से कौन सा उत्तर प्रदेश का पारंपरिक शिल्प नहींं है?
  • A. कांथा टांके
  • B. जरदोजी
  • C. चिकनकारी
  • D. संगमरमर जड़ना
Correct Answer: Option A - कांथा टांके या कांथा कढ़ाई उत्तर प्रदेश का पारंपरिक शिल्प नहींं है। यह कढ़ाई बंगाल की प्राचीन कलाओं में से एक है। इस कला के तहत पुरानी साडि़यों और धोती के सफेद सूती कपड़े को जोड़कर निचली सतह बनाई जाती है। इसमें रंगीन धागों का बड़े ही धैर्य के साथ खूबसूरती से प्रयोग किया जाता है। कांथा कढ़ाई में धागों से विभिन्न प्रकार के जानवरों, स्थानीय दृश्यों और फूल-पत्तियों को काढ़ा जाता है।
A. कांथा टांके या कांथा कढ़ाई उत्तर प्रदेश का पारंपरिक शिल्प नहींं है। यह कढ़ाई बंगाल की प्राचीन कलाओं में से एक है। इस कला के तहत पुरानी साडि़यों और धोती के सफेद सूती कपड़े को जोड़कर निचली सतह बनाई जाती है। इसमें रंगीन धागों का बड़े ही धैर्य के साथ खूबसूरती से प्रयोग किया जाता है। कांथा कढ़ाई में धागों से विभिन्न प्रकार के जानवरों, स्थानीय दृश्यों और फूल-पत्तियों को काढ़ा जाता है।

Explanations:

कांथा टांके या कांथा कढ़ाई उत्तर प्रदेश का पारंपरिक शिल्प नहींं है। यह कढ़ाई बंगाल की प्राचीन कलाओं में से एक है। इस कला के तहत पुरानी साडि़यों और धोती के सफेद सूती कपड़े को जोड़कर निचली सतह बनाई जाती है। इसमें रंगीन धागों का बड़े ही धैर्य के साथ खूबसूरती से प्रयोग किया जाता है। कांथा कढ़ाई में धागों से विभिन्न प्रकार के जानवरों, स्थानीय दृश्यों और फूल-पत्तियों को काढ़ा जाता है।