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Q: इनमें से कौन-सा द्वितीय मेटाबोलाइट है?
  • A. प्रोटीन
  • B. कार्बोहाइड्रेट
  • C. टैनिन
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - द्वितीय मेटाबोलाइट ऐसे कार्बनिक यौगिक हैं जो पौधे की वृद्धि और विकास में भाग नहीं लेते हैं लेकिन पौधों को वातावरण में सर्वाइव कराने के लिए ये आवश्यक होते हैं। ये यौगिक दूसरे जन्तुओं को आकर्षित करने का कार्य करते हैं जिससे सहजीविता स्थापित हो सके। ये रसायन पौधों के जड़ों या वानस्पतिक भागों से स्रावित होते हैं या इन्हें बाहर से भी दिया जा सकता है। ये रसायन प्राय: खरपतवार को नष्ट करने में सहायक होते हैं। द्वितीयक मेटाबोलाइट प्राय: नाइट्रोजन कम्पाउन्ड के होते हैं जैसे- टैनिन, मार्फिन, कोकेन, निकोटिन, क्वीनिन, ऐमिग्डालिन, एजाटाइरोसिन, कैनावेनिन आदि
C. द्वितीय मेटाबोलाइट ऐसे कार्बनिक यौगिक हैं जो पौधे की वृद्धि और विकास में भाग नहीं लेते हैं लेकिन पौधों को वातावरण में सर्वाइव कराने के लिए ये आवश्यक होते हैं। ये यौगिक दूसरे जन्तुओं को आकर्षित करने का कार्य करते हैं जिससे सहजीविता स्थापित हो सके। ये रसायन पौधों के जड़ों या वानस्पतिक भागों से स्रावित होते हैं या इन्हें बाहर से भी दिया जा सकता है। ये रसायन प्राय: खरपतवार को नष्ट करने में सहायक होते हैं। द्वितीयक मेटाबोलाइट प्राय: नाइट्रोजन कम्पाउन्ड के होते हैं जैसे- टैनिन, मार्फिन, कोकेन, निकोटिन, क्वीनिन, ऐमिग्डालिन, एजाटाइरोसिन, कैनावेनिन आदि

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द्वितीय मेटाबोलाइट ऐसे कार्बनिक यौगिक हैं जो पौधे की वृद्धि और विकास में भाग नहीं लेते हैं लेकिन पौधों को वातावरण में सर्वाइव कराने के लिए ये आवश्यक होते हैं। ये यौगिक दूसरे जन्तुओं को आकर्षित करने का कार्य करते हैं जिससे सहजीविता स्थापित हो सके। ये रसायन पौधों के जड़ों या वानस्पतिक भागों से स्रावित होते हैं या इन्हें बाहर से भी दिया जा सकता है। ये रसायन प्राय: खरपतवार को नष्ट करने में सहायक होते हैं। द्वितीयक मेटाबोलाइट प्राय: नाइट्रोजन कम्पाउन्ड के होते हैं जैसे- टैनिन, मार्फिन, कोकेन, निकोटिन, क्वीनिन, ऐमिग्डालिन, एजाटाइरोसिन, कैनावेनिन आदि