Correct Answer:
Option C - दी गई रचनाओं में ‘अनेकार्थ मंजरी’ केशवदास की रचना नहीं है बल्कि यह नन्ददास की रचना है। नन्ददास की अन्य रचनाएँ हैं- रस मंजरी, भागवत्-दशमस्कंध, श्याम सगाई, गोवर्धन लीला, सुदामा चरित, विरहमंजरी, रूपमंजरी,रुक्मिणी मंगल, रासपंचाध्यायी, भँवरगीत, सिद्धान्त पंचाध्यायी। केशवदास की कृतियाँ हैं- रसिक प्रिया, रामचन्द्रिका, कविप्रिया, रतन बावनी, वीरसिंह देव चरित, विज्ञान गीता, जहाँगीर जस चन्द्रिका, नखशिख, छन्दमाल।
C. दी गई रचनाओं में ‘अनेकार्थ मंजरी’ केशवदास की रचना नहीं है बल्कि यह नन्ददास की रचना है। नन्ददास की अन्य रचनाएँ हैं- रस मंजरी, भागवत्-दशमस्कंध, श्याम सगाई, गोवर्धन लीला, सुदामा चरित, विरहमंजरी, रूपमंजरी,रुक्मिणी मंगल, रासपंचाध्यायी, भँवरगीत, सिद्धान्त पंचाध्यायी। केशवदास की कृतियाँ हैं- रसिक प्रिया, रामचन्द्रिका, कविप्रिया, रतन बावनी, वीरसिंह देव चरित, विज्ञान गीता, जहाँगीर जस चन्द्रिका, नखशिख, छन्दमाल।