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Q: इनमें से कौन ‘प्रपद्यवाद’ से संबंधित नहीं है?
  • A. नलिनविलोचन शर्मा
  • B. प्रयागनारायण त्रिपाठी
  • C. नरेश
  • D. केसरीकुमार
Correct Answer: Option B - प्रयागनारायण त्रिपाठी ‘प्रपद्यवाद’ से संबंधित नहीं हैं। बल्कि प्रयागनारायण त्रिपाठी का सम्बन्ध तीसरे तारसप्तक से है। इसका प्रकाश 1959 ई. है। प्रपद्यवाद को नकेन वाद के नाम से भी जाना जाता है। प्रपद्यवाद का प्रवर्तन नलिन विलोचन शर्मा ने सन् 1956 में प्रकाशित ‘नकेन के प्रपद्य’ संकलन से किया। नकेन का तात्पर्य नलिन विलोचन शर्मा, केसरी कुमार, नरेश के नाम के प्रथम अक्षरों को आधार मानकर नकेन बनता है।
B. प्रयागनारायण त्रिपाठी ‘प्रपद्यवाद’ से संबंधित नहीं हैं। बल्कि प्रयागनारायण त्रिपाठी का सम्बन्ध तीसरे तारसप्तक से है। इसका प्रकाश 1959 ई. है। प्रपद्यवाद को नकेन वाद के नाम से भी जाना जाता है। प्रपद्यवाद का प्रवर्तन नलिन विलोचन शर्मा ने सन् 1956 में प्रकाशित ‘नकेन के प्रपद्य’ संकलन से किया। नकेन का तात्पर्य नलिन विलोचन शर्मा, केसरी कुमार, नरेश के नाम के प्रथम अक्षरों को आधार मानकर नकेन बनता है।

Explanations:

प्रयागनारायण त्रिपाठी ‘प्रपद्यवाद’ से संबंधित नहीं हैं। बल्कि प्रयागनारायण त्रिपाठी का सम्बन्ध तीसरे तारसप्तक से है। इसका प्रकाश 1959 ई. है। प्रपद्यवाद को नकेन वाद के नाम से भी जाना जाता है। प्रपद्यवाद का प्रवर्तन नलिन विलोचन शर्मा ने सन् 1956 में प्रकाशित ‘नकेन के प्रपद्य’ संकलन से किया। नकेन का तात्पर्य नलिन विलोचन शर्मा, केसरी कुमार, नरेश के नाम के प्रथम अक्षरों को आधार मानकर नकेन बनता है।