Correct Answer:
Option D - इनमें से भाववाचक संज्ञा– ‘अमीरी’ है।
भाववाचक संज्ञा– जिस संज्ञा शब्द से व्यक्ति या वस्तु के गुण या धर्म, दशा अथवा व्यापार का बोध होता है उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे– बुढ़ापा, लम्बाई, मिठास, नम्रता, निजत्व आदि। शेष विकल्प अमीर, गरीब एवं भिक्षुक जातिवाचक संज्ञा है।
भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण जातिवाचक संज्ञा, विशेषण, क्रिया, सर्वनाम और अव्यय में प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञा बनता है। जैसे–
जातिवाचक संज्ञा से– बूढ़ा-बुढ़ापा, मित्र–मित्रता, पंडित-पंडिताई, दास–दासत्व इत्यादि।
विशेषण से– कठोर-कठोरता, चतुर-चतुराई, गर्म-गर्मी इत्यादि।
क्रिया से– सजाना-सजावट, चतुर-चतुराई, बहना-बहाव इत्यादि।
सर्वनाम से– मम–ममता या ममत्व, अपना अपनापन या अपनत्व इत्यादि।
अव्यय से– दूर-दूरी, निकट-नैकट्य, समीप-सामीप्य इत्यादि।
D. इनमें से भाववाचक संज्ञा– ‘अमीरी’ है।
भाववाचक संज्ञा– जिस संज्ञा शब्द से व्यक्ति या वस्तु के गुण या धर्म, दशा अथवा व्यापार का बोध होता है उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे– बुढ़ापा, लम्बाई, मिठास, नम्रता, निजत्व आदि। शेष विकल्प अमीर, गरीब एवं भिक्षुक जातिवाचक संज्ञा है।
भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण जातिवाचक संज्ञा, विशेषण, क्रिया, सर्वनाम और अव्यय में प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञा बनता है। जैसे–
जातिवाचक संज्ञा से– बूढ़ा-बुढ़ापा, मित्र–मित्रता, पंडित-पंडिताई, दास–दासत्व इत्यादि।
विशेषण से– कठोर-कठोरता, चतुर-चतुराई, गर्म-गर्मी इत्यादि।
क्रिया से– सजाना-सजावट, चतुर-चतुराई, बहना-बहाव इत्यादि।
सर्वनाम से– मम–ममता या ममत्व, अपना अपनापन या अपनत्व इत्यादि।
अव्यय से– दूर-दूरी, निकट-नैकट्य, समीप-सामीप्य इत्यादि।