The amount spent to increase the earning capacity of a business is: किसी व्यवसाय की आय क्षमता का बढ़ाने के लिए व्यय की गई राशि है:
श्रीभगवद्गीता के द्वितीय अध्याय का नाम है
संख्या 7235491 के अंकों में से प्रत्येक को बाएं से दाएं की ओर आरोही क्रम में व्यवस्थित किया गया है। मूल संख्या की तुलना में, अपरिवर्तित रहने वाले अंकों का योग ज्ञात कीजिए।
एक शिक्षक को अपने विद्यार्थियों की क्षमताओं को समझने का प्रयास करना चाहिए। निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र इस उद्देश्य के साथ संबद्ध है?
What is the shape of the Pacific Ocean?
“Political independence without economic equality is an illusion”, whose statement is this?
15 hours is taken by a boat to reach its destination in still water and return to its starting point from there. The same journey requires 16 hours if the river flows. The difference between the speed of boat and the river is 15 km/hr. Find the speed of the flow of river.
Which of the following is dominant significance in mobile systems?/निम्नलिखित में से किसका मोबाइल सिस्टम में प्रमुख महत्व है?
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। (1-8) इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमजोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीन किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखण्ड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा? गंगा के किनारे बसे लोगों की आबादी लगभग है :
दो गोलों के आयतनों में 64:27 का अनुपात है। उनके पृष्ठों के क्षेत्रफलों का अनुपात है
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